Showing posts with label अपील. Show all posts
Showing posts with label अपील. Show all posts

Sunday, March 9, 2008

मदद कीजिए ब्‍लॉगर मंजूनाथ की


अमेरिका गए एक इंजीनियर को 2002 में एक सडक हादसे में लकवा हो गया। पिछले छह साल से वह वेंटीलेटर पर है। अमेरिका में इलाज के बाद उन्‍हें हाल ही में भारतीय दूतावास के हस्‍तक्षेप के बाद भारत भेज दिया गया। फिलहाल उनका दिल्‍ली में सफरदजंग अस्‍पताल में इलाज चल रहा है।
मंजूनाथ ने अमेरिका में अस्‍पताल में इलाज के दौरान मई 2007 में एक ब्‍लॉग बनाया और उसके जरिए मदद मांगी। उन्‍होंने हालांकि दो ही ब्‍लॉग लिखे हैं। इनमें भी एक में उनके ब्‍लॉग बनाने की कहानी और दूसरे में डायबि‍टीज के बारे में कुछ जानकारी दी गई है। वे सिप एंड पफ मेथड के जरिए लैपटॉप पर काम कर पा रहे हैं।
भारत में उनके भाई सुधाकर और मां ने कहा कि वो उनके इलाज में समर्थ नहीं हैं। उन्‍हें मदद की जरूरत है। टाइम्‍स समूह ने http://paralyzedblogger.wordpress.com/ में बताया कि वे मंजू की पूरी मदद करेंगे। इस संबध में अधिक जानकारी के लिए यह वीडियो देखें।

Saturday, January 5, 2008

इसलिए जरूरी है ब्‍लॉगिंग का एक रेफरेंस ब्‍लॉग

साइबर आसमां में हिंदी ब्‍लॉगों की उडान, लिखते समय मैंने बहुत सारे ब्‍लॉग फिर सर्च किए। कुल मिलाकर ये समझिए की मैंने लगभग हर उस ब्‍लॉग इवेंट को याद करने की कोशिश की जो इस बीते साल में हुई थी। अगर मुझे सिर्फ अपने लिए ही लिखना होता तो शायद मैं इतनी मेहनत नहीं करता पर मेरे एक सीनियर ने सिर्फ मेरा ब्‍लॉग देखकर साल भर की समीक्षा के लिए एडिट पेज पर चल रही श्रंखला के लिए युवा विशेष वाले पेज के लिए ब्‍लॉग जगत की समीक्षा के रूप में मुझे कुछ लिखने का काम सौंपा।

खबरें कई बार लिखीं पर एडिट पेज पर कुछ लिखना यह मेरे लिए पहली बार था। इसके लिए कई दिग्‍गज ब्‍लॉगर्स समीक्षा आदरणीय जीतूजी,मैथिलीजी,यशवंतजी और नीलिमा चौहान और कई मित्रों से संपर्क साधा। हां यशवंतजी और नीलिमाजी की ओर से जानकारी भी उपलब्‍ध कराई।

मैं चाहता हूं कि ब्‍लॉग खबरिया में सभी बडे ब्‍लॉगर्स और उनकी कहानी। ज्‍यादा नहीं तो कम से कम जो बडे अखबारों में कॉलम लिख रहे हैं या वेबदुनिया की ब्‍लॉग चर्चा में आ चुके हैं, ताकी हमारा अपना ब्‍लॉग जगत तेजी से आगे बढे जो लोग ब्‍लॉग के मामले में कम समझते हैं, जानकारी हासिल कर सकें।

लेकिन कुल मिलाकर मैंने महसूस किया की ब्‍लॉग जगत की अधिकृत जानकारी देने के लिए कोई मंच नहीं है। अगर आपको कोई आंकडा या अंदाजा चाहिए तो कैसे जुटाएंगे, यह बडी समस्‍या है। इसलिए मुझे यह आलेख सबमिट करने की आखिरी तारीख 30 दिसंबर तक मैं इस नतीजे पर पहुंच चुका था कि ब्‍लॉग की खबर रखने वाला भी एक ब्‍लॉग होना चाहिए। (हालांकि इस बीच बेनजीर भुटटो के निधन के कारण यह छपा जरूर 3 जनवरी को) मैंने एक ब्‍लॉग बनाया 'ब्‍लॉग खबरिया'(http://blogkhabaria.blogspot.com/), हालांकि अभी किसी एग्रीगेटर से अटैच नहीं होने के कारण यह अभी सभी को दिखाई नहीं दे पा रहा।
उम्‍मीद है आप सभी मेरी बात से सहमत होंगे और आपका आशीर्वाद मिलेगा।


बिल्‍कुल आपकी मदद ली गई रविजी
आदरणीय रविजी आप ब्‍लॉगिंग के द्रोणाचार्य हैं। मेरा जैसा नौसिखिया आप जैसे दिग्‍गजों के नाम सुनकर और सहायता से ही ब्‍लॉग की तरफ आकर्षित हुआ। साइबर आसमां में हिंदी ब्‍लॉगों की उडान आलेख आपसे प्रेरित है। बहुत लोगों से बातचीत या मेल के आदान प्रदान के अतिरिक्‍त मैंने दिलीप मंडल जी और आपके ब्‍लॉग को रेफरेंस की तरह इस्‍तेमाल किया। (मंडलजी के रिजोलुशन वाला हिस्‍सा संपादकजी की कैंची का शिकार हो गया।) जब ब्‍लॉगजगत की समीक्षा करनी थी तो बिना आपकी मदद के लिए यह कैसे संभव हो पाता। ये बात अलग है कि मैं आपाधापी में आपसे संपर्क नहीं कर पाया।

Saturday, October 6, 2007

भडास के बाद क्‍या ?


ब्लॉगर बुंधुओं
चिंता की बात है, ब्‍लॉगिंग पर अपना नाम जमा चुके आदरणीय यशवंतजी ने अचानक
http://Bhadas.blogspot.com को बंद कर दिया। मेरी यशवंतजी से बात हुई उन्‍होंने बताया कि वो भडास के कारण खुद को बहुत दिनों से व्‍यस्‍त महसूस कर रहे थे, इसलिए उन्‍हें यह फैसला करना पडा। अब भडास नहीं रहा, उम्‍मीद है हम सभी लोग इस महाअभियान को किसी ने किसी रूप में जिंदा रखेंगे।
सभी से सुझाव सादर आमंत्रित हैं, ज्‍यादा नहीं तो कम से कम एक चैनल जहां पत्रकारों की आवाजाही और पत्रकारिता से जुडी खबरें मिल सकें। ऐसा मंच बनाने में सहयोग करें।
वैसे यशवंतजी ने नया पर्सनल ब्‍लॉग बनाया है http://syashwant.blogspot.com आप सभी उस पर उनसे बातचीत कर सकते हैं।
इसी आशा के साथ
राजीव जैन