Friday, February 27, 2009

जरा सा बदलाव


नाचना मेरे बस की बात नहीं है। पर आजकल मैं अपनी कमियां दूर करने में लग रहा हूं। दोस्‍तों की शादियों में उनके घरवालों की यही शिकायत रहती थी कि तुम लोग काम बहुत करते हो, समझदार हो पर डांस वैगरह नहीं करते। थोडा एंजाय भी किया करो, इस बार एक दोस्‍त की शादी में मैं भी कूद पडा डांस करने
सारी शर्म हया छोडकर इतना डांस किया कि अगले दिन शाम तक पैरों में दर्द होता रहा, पर एक बात जो मुझे समझ में आई कि जिंदगी में जरा सा बदलाव भी ताजगी ला देता है।
जिंदगी में छोटी छोटी बाते नयापन लाती हैं। मुझे हमेशा यही झिझक रहती थी कि डांस की प्रोपर टेनिंग नहीं ली तो लोग यूं ही उछलते कूदते देखकर हसेंगे। यूं भी शादी में मैं पूरे समय रहता था पर एक कोने में खडे होकर लोगों को डांस करते देखता था, पर इस बार मैं डांस करने वालों के बीच था। इतना नाचा कि पसीने में तरबतर और सूट से शर्ट में आ गया। बस फिर क्‍या था, मेरे डांस की फोटो एक दोस्‍त न ऑरकुट पर लगाई है और कैप्‍शन दिया है कि सब पियेले हैं।
चलिए इस बहाने ही सही
सभी मस्‍त होकर नाचते तो नजर आए ।

2 comments:

सुशील कुमार छौक्कर said...

अच्छा किया जो नाज लिया नही तो हमारी तरह अफसोस ही करते रहते जी।

GKK said...

sahi hai, naacha to achcha laga na, hum to bolte hi rahte the, waise bhi meri kami koi to poori karta..