Monday, November 5, 2007

कमबख्‍त कपनियां एक जैसा मोबाइल चार्जर क्‍यूं नहीं बनातीं


कल रविवार का दिन था और दोपहर में खाना खाकर छोटे भाई के साथ घूमने निकल गया और फिर सीधे ऑफिस की ओर कूच कर दिया। अपने पास टाटा का मोबाइल कनेक्‍शन है तो उसके साथ मोबाइल है सेमसंग का। उसकी सबसे बडी दिक्‍कत है कि एक तो बैटरी का बैकअप कम और ऊपर से नोकिया की तरह उसका चार्जर सारी जगह नहीं मिलता। इसलिए ऑफिस जाने से पहले घर से चार्जर ले गया और काम खत्‍म होने के बाद मैं तो घर आ गया पर वो चार्जर वहीं छूट गया। अब रोज रोज चार्जर ऑफिस ले जाने की आदत नहीं है न। घर लौटा तो याद आया कि चार्जर तो आफिस में ही लगा रह गया, हालांकि वहां फोन करके चार्जर तो सुरक्षित रखवा दिया पर सुबह होते होते अपने मोबाइल की टैं बोल गई।
छोटा भाई पता नहीं कब आफिस चला गया और अपन सोते ही रहे, वर्ना रोज तो एक आध बार ये मुंआ बज ही जाता था तो उठ ही जाता। अब बिना डिर्स्‍टबेंस के जगने की आदत नहीं है न तो सोता ही रहा, अचानक नींद खुली और बाहर खूब तेज रोशनी थी तो जाग गया, उठकर देखा तो मोबाइल ऑफ था।
अब पहली समस्‍या तो यह कि टाइम कितना हुआ, क्‍यूंकि कमरे में लगी घडी का सेल खत्‍म हो गया है। तभी आइडिया आया कि कम्‍प्‍यूटर ऑन करके टाइम देखा जाए। अब कम्‍प्‍यूटर ऑन किया तो पता चला कि एक बजने की तैयारी है। अब पांच बजे तो आफिस जाना ही था तो मैंने सोचा कि चार घंटे में आना जाना तो अपन मोबाइल से कौनसा तीर मार लेंगे। इसलिए चार्जर लेने आफिस गया ही नहीं और बिना फोन के ही दिन गुजार दिया।
अब बिना मोबाइल के जीने की आदत नहीं है, करीब पांच साल से मोबाइल है अपने पास तो बार बार याद सताती रही, बंद फोन को भी हमने कोई दसियों बार उठाकर देखा कि कोई मैसेज या मिस कॉल तो नहीं।
उन लोगों का नाम लेकर हमें कम से कम बीस बार हिचकी भी आई, जो खाली वक्‍त में हमारा दिल बहलाने के लिए पांच सात एसएमएस और एक आध मिस कॉल ठेल देते हैं।
शाम तक अपन इस नतीजे पर पहुंचे कि कमबख्‍त ये कंपनियां एक जैसा चार्जर क्‍यूं नहीं रखती सब। अगर ऐसा होता तो रूम में चार अलग अलग कंपनियों के चार्जर पडे थे किसी से तो चार्ज कर लेते। दिन भर बिना फोन के तो नहीं बैठते।
अब लीजिए हमारे दुख में शरीक हुए हैं तो कम से कम इन मुई कंपनी वालों को तो बता दीजिए कि उनकी अलग अलग मॉडल के फोन निकालने की प्रतिस्‍पर्धा ने हमारे तो दिन का ही सत्‍यानाश कर दिया।
ए चार्जर तुम बहुत याद आए

8 comments:

Shakeb said...

gsm le airtel ka aur mobile nokia ka phir dekh.

lekin ek baat sahi hai ki ab mobile ki itni aadat par chuki hai ki zara si der bhi uske bina nahin raha jaata.

Anywayz....achcha likha hai.

आशीष said...

यार राजीव एक अलग से एक चार्जर कोड आता है..उसे खरीद ले...उसे किसी भी चार्जर में लगाया जा सकता है..बस उसकी पिन आपके सेल वाली होनी चाहिए...यदि आप यह ले लेते हो तो चार्जर लेकर धूमने की जरूरत नहीं हैं...बीस रुपये का आता है

anuradha srivastav said...

सही फरमाया ........

mamta said...

कभी-कभी ऐसा भी होता है। :)

अतुल said...

आशीष की बार मान लो भाई
अतुल

Udan Tashtari said...

आपने चार्जर को याद किया और आशीष जी से नई जानकारी प्राप्त हो गई. आभार.

परमजीत बाली said...

आशीष जी की बात सही है..

हर्षवर्धन said...

आशीष की बात तो मान लें लेकिन, नाना प्रकार के मोबाइल चार्जर में वो भी काम नहीं करता। सिर्फ थोड़ा नए नोकिया और पुराने नोकिया के चार्जर का ही भेद मिटा पाता है।