Thursday, February 7, 2008

मोबाइल कं‍पनियों की एक्स्ट्रा इनकम के सोर्स

ये मोबाइल इतनी जल्‍दी लोकप्रिय हुआ है कि पूछिए मत। और ये मोबाइल बनाने वाली से ज्‍यादा इन सर्विस प्रावाइडर्स ने मोटा माल कमाया। एयरटेल से लेकर रिलायंस तक, यह बात सबको पता है। लेकिन आजकल इन कं‍पनियों ने ग्राहकों को चूना लगाने के लिए एक से एक स्‍कीम चला रखी हैं। या कहिए लूट मचा रखी है इन कंपनियों ने
अपन के पास टाटा इंडिकॉम का नंबर है। आपके पास भले ही किसी का नंबर हो पर ये जानकारी आपकी अर्थव्‍यवस्‍था में डाका पडने से रोक सकती है।
टाटा के फोन में 12900 नंबर टाटा की वायस स्‍टेशन का नंबर है और टाटावाले इस नंबर को हैंडसेट में एक नंबर पर फास्‍ट डायलिंग में सेट करके रखते हैं।
अभी अपन की जेब में पता नहीं कैसे मोबाइल का की-पेड खुला रह गया और करीब 13:48 मिनट तक फोन इस नंबर पर लगा रहा। अपन को यह बात अगले फोन बजने के बाद पता चली। तुरंत कस्‍टमर केयर पर फोन लगाया तो पता चला कि छह रुपए पचास पैसे प्रतिमिनट इस सुविधा का शुल्‍क है।
अपन के तो दिमाग की बत्‍ती गुल हो गई, यानी बैठे बिठाए सौ रुपए का चूना। इलाज पूछा तो पता चला कि अब 12977 पर फोन करके इसमें पासवर्ड डाला जा सकता है और इसे फास्‍ट डायलिंग से हटाया जा सकता है। अपन न तो तुरंत इस “असुविधा” को बंद करा दिया। अगर आपके पास भी फास्‍ट डायलिंग में ऐसा कोई नंबर है तो तुरंत हटा लें।

टाटा के फोन में 12900 नंबर टाटा की वायस स्‍टेशन का नंबर है, अगर आपके फोन में फास्‍ट डायलिंग में लगा है तो तुरंत हटा लें

मैंने यह बात अपने टाटा धारक एक दोस्‍त को बताई। उसने कहा हां यार, कई बार हो चुका है ऐसा। पर वह हाथोंहाथ अपने पिछला बिल देखने लगा तो उसे पता चला कि दिसंबर के बिल में उसके 62 मिनट एक साथ इसी नंबर पर लग गए, यानी 372 रुपए का नुकसान। ये हाल तो तब है, जब इस नंबर पर कॉल करने के बाद बार बार में की एंटरी करनी होती हैं, पता नहीं 62 मिनट फोन एक साथ चालू कैसे रह जाता है इस नंबर पर।
हां इसी तरह वोडाफोन के कई हैंडसेट में तो एक स्‍क्रीन सेवर ही बार बार में आ जाता है और गलती से एग्जिट होने की जगह ओके हो जाता है, तो इसी तरह साढे छह रुपए प्रतिमिनट वाली कॉल लग जाती है।

6 comments:

neelima sukhija arora said...

क्या एयरटेल में भी ऐसा कोई नम्बर है क्या, मैं तो अपना बिल भी नहीं देखती।

nadeem said...

अजी लोगों को केवल इतनी सलाह है की वो हमेशा की पेड लाक करके रखें. चाहे सेवा कोई भी हो.

Harinath said...

क्या गुरु जो भी मन में आता है लिख देते हो . सोचते भी नही की पढ़ने में कैसा लगेगा. कृपया स्तर बना के रखें ताकि पढने से पहले सोचना न पड़े. इससे पहले पतंग वाली बात लिख दी. आप की भाषा में अपन को फालतू समझ लिया है.

रवीन्द्र रंजन said...

बहुत सही बात की तरफ ध्यान दिलाया आपने। वोडाफोन में मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था। स्क्रीन पर एक मैसेज चल रहा था मैंने क्लिक किया तो वह सब्सक्राइव हो गया और उसका चार्ज मेरे खाते में जुड़ गया। बाद में मुझे उसको कस्टमर केयर में फोन करके हटवाना पड़ा लेकिन आर्थिक नुकसान तो हुआ ही न। हालांकि मेरे पास एयरटेल का भी नंबर है। एयरटेल से अभी तक ऐसा कोई बुरा अनुभव नहीं हुआ। शुक्र है।

vikas said...

ये तो रोजाना होता है. बस हम टालजाते हैं. आप ने हमारे साथ अक्सर घटित होने वाली घटना को बड़े सलीके से पेश किया है. मोबाइल कंपनियों पर लगाम लगाने की जरूरत है.

राजेंद्र माहेश्वरी said...

क्या आप इस तरह के मेसेज अपने मोबाइल पर निशुल्क प्राप्त करना चाहते
सोचो ! अगर ईश्वर प्रति दिन का हमसे 1000 रूपया लेता तो क्या हम एक सैकण्ड भी व्यर्थ करते।

• यदि बड़ा आदमी बनना हैं तो पहले छोटा आदमी बनो।
• सकारात्मक सोचने की कला-सोचे वही जो बोला जा सके और बोले वही जिसके नीचे हस्ताक्षर किये जा सके।
• जो लोग सुबह उगता हुआ सूरज देखते हैं, वे उगते हुए भाग्य के मालिक बनते हैं।
• हमें स्वयं को केवल एक मिनट के लिये बूढ़ा बनाना चाहिये। कब ? जब सामने मौत आने वाली हो।
• असफलता की ट्रेन आमतौर पर अनिर्णय की पटरी पर दौड़ती हैं।
• 99 फीसदी मामलों में वही लोग असफल होते हैं, जिनमें बहाने बनाने की आदत होती हैं।
• इन्सान को सद् इन्सान केवल विचारों के माध्यम से बनाया जा सकता है।
• मालिक बारह घण्टे काम करता हैं, नौकर आठ घण्टे काम करता हैं, चोर चार घण्टे काम करता हैं। हम सब अपने आप से पूछे कि हम तीनों में से क्या है।
• भगवान की दुकान प्रात: चार बजे से छ: बजे तक ही खुलती है।
• परिवर्तन से डरोगे तो तरक्की कैसे करोगे ?
• सबसे अधिक खराब दिन वे हैं जब हम एक बार भी हँसी के ठहाके नहीं लगाते हैं।
• सद्विचार सत्य को लक्ष्य करके छोड़ा हुआ तीर है।
• आप ढूँढे तो परेशानी का आधा कारण अपने में ही मिल जाता है।
• यदि जीने की कला हाथ लग जाये तो जीवन बांस का टुकड़ा नहीं, आनन्द देने वाली बांसुरी बन जाती है।
• यदि हम किसी दूसरे जैसा बनने की कोशिश करते हैं, तो दूसरे स्थान पर ही रहते हैं। अगर हमें आदर्श स्थिति पर पहुंचना हैं, तो खुद अपना रास्ता बनाना होगा।
• कई लोग जिंदगी में सही निशाना तो साध लेते हैं, पर ट्रिगर नहीं दबा पाते हैं, जिंदगी में निर्णय लेना बेहद जरूरी हैं।
• प्रेम दूरबीन से देखता हैं और ईश्र्या माइक्रोस्कोप से।
• श्रेष्ठ प्रबन्धन संघर्ष और सफलता के बीच के अन्तर को समाप्त करता हैं।
• बीते समय में हमने भविष्य की चिन्ता की, आज भी हम भविष्य के लिये सोच रहे हैं और शायद कल भी यही करेंगे। फिर हम वर्तमान का आनन्द कब लेंगे ?
• किसी में कमी तलाश करने वालों की मिसाल उस मक्खी की तरह हैं जो पूरा सुन्दर जिस्म छोड़कर सिर्फ जख्म पर ही बैठती हैं।
• जीतने वाले कोई अलग काम नहीं करते हैं, वे तो बस हर काम को अलग अन्दाज से करते हैं।
• जिन्दगी में कभी किसी के ऊपर निर्भर नहीं रहना, चाहे वह आपकी परछाया ही क्यो न हो, अंधेरे में वह भी आपका साथ छोड़ देगी।
• एक ध्येय वाक्य-``यह भी बीत जायेगा।´´ ये चार शब्द चार वेदों का काम कर सकते हैं।

यदि हाँ तो-

अपने मोबाइल में मेसेज टाइप करे - JOIN लिखे, इसके बाद एक स्पेस दे, फिर MOTIVATIONS लिखे। इसे 09870807070 पर भेज दें। Successfully subscribe होने के बाद प्रतिदिन आपको अनमोल सद्विचार अपने मोबाइल पर प्राप्त होते रहेंगे। यह सेवा पूर्णतया नि:शुल्क हैं। हमारी आप सभी से यह विनम्र अपील हैं कि आप सभी विचार क्रान्ति अभियान की इस अभिनव योजना से जुड़े और अधिकाधिक लोगों को इस योजना से जोड़ने का प्रयास करावें।

जनमानस परिष्कार मंच
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