Saturday, January 5, 2008

इसलिए जरूरी है ब्‍लॉगिंग का एक रेफरेंस ब्‍लॉग

साइबर आसमां में हिंदी ब्‍लॉगों की उडान, लिखते समय मैंने बहुत सारे ब्‍लॉग फिर सर्च किए। कुल मिलाकर ये समझिए की मैंने लगभग हर उस ब्‍लॉग इवेंट को याद करने की कोशिश की जो इस बीते साल में हुई थी। अगर मुझे सिर्फ अपने लिए ही लिखना होता तो शायद मैं इतनी मेहनत नहीं करता पर मेरे एक सीनियर ने सिर्फ मेरा ब्‍लॉग देखकर साल भर की समीक्षा के लिए एडिट पेज पर चल रही श्रंखला के लिए युवा विशेष वाले पेज के लिए ब्‍लॉग जगत की समीक्षा के रूप में मुझे कुछ लिखने का काम सौंपा।

खबरें कई बार लिखीं पर एडिट पेज पर कुछ लिखना यह मेरे लिए पहली बार था। इसके लिए कई दिग्‍गज ब्‍लॉगर्स समीक्षा आदरणीय जीतूजी,मैथिलीजी,यशवंतजी और नीलिमा चौहान और कई मित्रों से संपर्क साधा। हां यशवंतजी और नीलिमाजी की ओर से जानकारी भी उपलब्‍ध कराई।

मैं चाहता हूं कि ब्‍लॉग खबरिया में सभी बडे ब्‍लॉगर्स और उनकी कहानी। ज्‍यादा नहीं तो कम से कम जो बडे अखबारों में कॉलम लिख रहे हैं या वेबदुनिया की ब्‍लॉग चर्चा में आ चुके हैं, ताकी हमारा अपना ब्‍लॉग जगत तेजी से आगे बढे जो लोग ब्‍लॉग के मामले में कम समझते हैं, जानकारी हासिल कर सकें।

लेकिन कुल मिलाकर मैंने महसूस किया की ब्‍लॉग जगत की अधिकृत जानकारी देने के लिए कोई मंच नहीं है। अगर आपको कोई आंकडा या अंदाजा चाहिए तो कैसे जुटाएंगे, यह बडी समस्‍या है। इसलिए मुझे यह आलेख सबमिट करने की आखिरी तारीख 30 दिसंबर तक मैं इस नतीजे पर पहुंच चुका था कि ब्‍लॉग की खबर रखने वाला भी एक ब्‍लॉग होना चाहिए। (हालांकि इस बीच बेनजीर भुटटो के निधन के कारण यह छपा जरूर 3 जनवरी को) मैंने एक ब्‍लॉग बनाया 'ब्‍लॉग खबरिया'(http://blogkhabaria.blogspot.com/), हालांकि अभी किसी एग्रीगेटर से अटैच नहीं होने के कारण यह अभी सभी को दिखाई नहीं दे पा रहा।
उम्‍मीद है आप सभी मेरी बात से सहमत होंगे और आपका आशीर्वाद मिलेगा।


बिल्‍कुल आपकी मदद ली गई रविजी
आदरणीय रविजी आप ब्‍लॉगिंग के द्रोणाचार्य हैं। मेरा जैसा नौसिखिया आप जैसे दिग्‍गजों के नाम सुनकर और सहायता से ही ब्‍लॉग की तरफ आकर्षित हुआ। साइबर आसमां में हिंदी ब्‍लॉगों की उडान आलेख आपसे प्रेरित है। बहुत लोगों से बातचीत या मेल के आदान प्रदान के अतिरिक्‍त मैंने दिलीप मंडल जी और आपके ब्‍लॉग को रेफरेंस की तरह इस्‍तेमाल किया। (मंडलजी के रिजोलुशन वाला हिस्‍सा संपादकजी की कैंची का शिकार हो गया।) जब ब्‍लॉगजगत की समीक्षा करनी थी तो बिना आपकी मदद के लिए यह कैसे संभव हो पाता। ये बात अलग है कि मैं आपाधापी में आपसे संपर्क नहीं कर पाया।

8 comments:

Dr.Parveen Chopra said...

राजीव जी, कल ही किसी ब्लाग में यह पढ़ा था कि जयपुर के किसी पेपर में ब्लाग पर ऐसा एक लेख छपा है। अच्छा , तो बलाग रूपी यज्ञ में यह आप के द्वारा डाली गई आहुति थी। लिखते रहिए, बलागिंग की अवेयरनैस जनमानस में बढ़ाते रहिए और उन के आशीर्वाद के पात्र बनते रहिए।
शुभकामनाएं।

दिनेशराय द्विवेदी said...

आप ने बहुत अच्छा और महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी नौकरी के दौरान ही सही। आप को साधुवाद। आप के सीनियर को भी साधुवाद कहें।

eSwami said...

ब्लाग जगत की गतिविधियों/समचारों के बारे में अधिकृत जानकारी देने के लिये अनधिकृत साईट अक्षरग्राम चौपाल [akshargram.com] है.

वैसे आप अपने प्रश्न गूगल ग्रुप्स के चिट्ठाकार समूह पर भी भेज सकते थे.

संजय बेंगाणी said...

अक्षरग्राम पर जायें.

छत्‍तीसगढिया said...

सार्थक कार्य कर रहे हैं मित्र आप ।

संजीव

छत्‍तीसगढ के शक्तिपीठ – 2

Raviratlami said...

राजीव जी, धन्यवाद. हम सभी एक दूसरे से प्रेरणाएँ लेते रहते हैं. इनके बगैर जीना मुहाल है.

आपकी प्लानिंग बहुत अच्छी है. उम्मीद है इससे हिन्दी ब्लॉगजगत को अच्छा खासा लाभ होगा.

जेपी नारायण said...
This comment has been removed by the author.
Sanjeet Tripathi said...

बहुत सही!!
रेफरेंस ब्लॉग वाली बात बहुत सही कही आपने!!