Tuesday, September 16, 2008

उन अनजान पलों की भूल हमारी माफ़ करें


उत्तम क्षमा ......
अनजाने में बिन चाहे भी भूल सभी से हो सकती है
जीवन के क्रूर पलों में बुध्दि भी तो खो सकती है
उन अनजान पलों की भूल हमारी माफ़ करें
क्षमा पर्व पर क्षमा दान दे भूल हमारी माफ करें
उत्तम क्षमा .....
"क्षमा वीरस्य भूषणम्"
राजीव जैन

6 comments:

MANVINDER BHIMBER said...

अनजाने में बिन चाहे भी भूल सभी से हो सकती है
जीवन के क्रूर पलों में बुध्दि भी तो खो सकती है
उन अनजान पलों की भूल हमारी माफ़ करें
shama parv per.... sahi hai

MANVINDER BHIMBER said...

अनजाने में बिन चाहे भी भूल सभी से हो सकती है
जीवन के क्रूर पलों में बुध्दि भी तो खो सकती है
उन अनजान पलों की भूल हमारी माफ़ करें
shama parv per.... sahi hai

Ranjan said...

मिच्छामी दुक्कड़म..

Udan Tashtari said...

क्षमापर्व पर हमारी ओर से भी आपसे क्षमायाचना!!

प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi said...

हमें भी क्षमा करें...जाने-अनजाने हुई गलतियों के लिए...

अनूप शुक्ल said...

छमहु क्षमामंदिर!