अमर उजाला में अपने पुराने साथी जसविंदर सिद़धू ने चेन्नई से एक एक्सलूसिव रिपोर्ट लिखी। उनके हिसाब से जापानी कंपनी ने अपने अधिकारियों की टीम को नवंबर में भारत भेजकर यह जानना चाहा है कि आखिर क्रिकेट क्या बला है। उस समय भारत पाक सीरीज चल रही थी।
दिल्ली आकर अबि हीरोयुकी ने देखा कि भारतीय क्रिकेट के पीछे किस कदर दीवाने हैं। हीरोयुकी हैरान थे कि क्रिकेट मैच के दौरान एक संवाददाता सम्मेलन में साठ कैमरे और तीन सौ पत्रकार। उनके इस घटना के चार महीने बाद कंपनी ने बीसीसीआई के साथ करोडों का करार किया। यानी जो कंपनी निकोन क्रिकेट के बारे में समझती तक नहीं। सिर्फ नाम ही सुना वह क्रिकेट के प्रायोजन पर करोडों का दांव खेल रही है। कंपनी की अब एक टीम दक्षिण अफ्रीका के साथ सीरिज में क्रिकेट के गुर सीख रही है।
यानी यह तो सिर्फ आगाज है, अभी ऐसी बहुत सी कंपनियां आएंगी, जिनके खुद अपने देश में क्रिकेट का नामोंनिशां नहीं है।
Thursday, March 27, 2008
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1 comments:
ख़बर सच है तो एक्स्कुलिसिव कह सकते हैं. वैसे भी आप का अमर उजाला और भास्कर से कुछ ज्यादा प्रेम है. इसीलिए इनकी खबरों पर नजर पड़ जाती है.
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