
अमेरिका गए एक इंजीनियर को 2002 में एक सडक हादसे में लकवा हो गया। पिछले छह साल से वह वेंटीलेटर पर है। अमेरिका में इलाज के बाद उन्हें हाल ही में भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बाद भारत भेज दिया गया। फिलहाल उनका दिल्ली में सफरदजंग अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मंजूनाथ ने अमेरिका में अस्पताल में इलाज के दौरान मई 2007 में एक ब्लॉग बनाया और उसके जरिए मदद मांगी। उन्होंने हालांकि दो ही ब्लॉग लिखे हैं। इनमें भी एक में उनके ब्लॉग बनाने की कहानी और दूसरे में डायबिटीज के बारे में कुछ जानकारी दी गई है। वे सिप एंड पफ मेथड के जरिए लैपटॉप पर काम कर पा रहे हैं।
भारत में उनके भाई सुधाकर और मां ने कहा कि वो उनके इलाज में समर्थ नहीं हैं। उन्हें मदद की जरूरत है। टाइम्स समूह ने http://paralyzedblogger.wordpress.com/ में बताया कि वे मंजू की पूरी मदद करेंगे। इस संबध में अधिक जानकारी के लिए यह वीडियो देखें।
1 comment:
आज ही Times of India में देखा था इनका समाचार. ईश्वर का खेल निराला है.
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