Sunday, March 23, 2008

मैं और ब्‍लॉगिंग का एक साल

मुझे ब्‍लॉगिंग करते हुए एक साल हो गए।
पहली पोस्‍ट बेशक हिंदी में नहीं में नहीं थी, कई दिन तक हिंदी लिखने का तरीका खोजता रहता, पहले यूनीनागरी और आखिरकार आईएमए से हिंदी लिखने लगा। पहली बार ऑनलाइन बिना सुमित स्क्रिप्‍टराइटर या किसी सॉफटवेयर से हिंदी लिखने पर इतनी खुशी हुई कि बयां नहीं की जा सकती।
इतनी खुशी तो तब भी नहीं हुई जब 31 दिसंबर 2007 को दैनिक हिंदुस्‍तान ने दुनिया को बदलने वाले दस साल में ब्‍लॉग को सबको अभिव्‍यक्ति का समान अवसर देने वाला सूचना का माध्‍यम बताते हुए, लिखा कि ब्‍लॉगिंग कुछ के लिए शुरुआत है, क्‍योंकि जिंदगी सिखाती है कुछ।
बीते साल भर में 65 पोस्‍ट लिख दीं। कुछ दिन बहलाने के लिए कुछ सूचनाएं इधर उधर करने के लिए। शुरुआत में सिर्फ मनोरंजन के लिए बस यूं ही ब्‍लॉग बना लिया, बाद में कई ऐसे लोगों से मिला, जिनसें बिना ब्‍लॉगिंग के मिलना असंभव था।
धीरे धीरे ब्‍लॉगिंग करने वालों का एक परिवार बन गया। जयपुर में एक ब्‍लॉगर्स मीट की। अपने ही समाचार पत्र के लिए ब्‍लॉगिंग पर एक लेख लिख मारा।
भाई लोगों ने सप्‍ताह का ब्‍लॉगर में इंटरव्‍यू ले लिया।
कविता से लेकर फिल्‍म तक, जहां जहां मन हुआ अपना लिखा और दिल को तसल्‍ली दी। कई बार अच्‍छे कमेंट और कॉम्‍पलिमेंट मिले, कई बार जानकारी पूरी रखने का संदेश और मार्गदर्शन। पर बस अब ब्‍लॉगिंग अपनी आदत में शुमार हो गई।
नेट पर बैठते ही पहले बस यूं ही जो मन हुआ खोलकर बैठ जाता। जरूरी नहीं हर बार काम की चीज होती, घंटों चैटिंग भी की। पर अब ये सब लगभग बंद हो गया है।
ब्‍लॉग पढने में ही दो घंटे तक गुजर जाते हैं।
बस अब यही कोशिश है कि इस अनियमित ब्‍लॉगिंग को धीरे धीरे विषय आधारित ब्‍लॉगिंग तक ले जाऊं। अब तक ज्‍यादातर ब्‍लॉग मैंने अपनी ही जिंदगी पर लिखे।
सभी वरिष्‍ठ चिटठाजनों का मार्गदर्शन मिलता रहेगा। वे लोग जो नियमित रूप से मेरी शुरुआत पढते हैं, फीडबैक मुझ तक पहुंचाते रहेंगे।
साल भर झेलने के लिए शुक्रिया

19 comments:

Rajesh Roshan said...

बधाई हो

Vikas said...

एक वर्ष पूरे करने पर शुभकामनाएँ. आगे भी आपको खुशी खुशी झेलेंगे, बस लिखते रहिए.

मीत said...

बधाई ! लिखते रहें.

PD said...

badhaai ho bhaai.. :)

उन्मुक्त said...

साल पूरा करने की बधाई

Sanjeet Tripathi said...

बधाई,
शुभकामनाएं

mahashakti said...

बहुत बहुत बधाई और भी साल पूरे करे

डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल said...

ब्लॉगिंग का एक साल पूरा करने पर हार्दिक बधाई. आपने न केवल साल पूरा किया है, सार्थक लेखन का साल पूरा किया है, यह महत्वपूर्ण है. जहां तक इसे विषय आधारित लेखन तक ले जाने की बात है, मुझे तो यही अच्छा लगेगा कि आप मन की उन्मुक्त उडान ही भरें. विषय आधारित लेखन के लिए चाहें तो एक अलग ब्लॉग शुरू कर लें.

अनूप शुक्ल said...

बधाई। जमाये रहें।

सागर नाहर said...

एक साल पूरा करने पर बहुत बहुत बधाई।

Dr.Parveen Chopra said...

राजीव जी, बहुत बहुत मुबारकबाद। भगवान करे आने वाले समय में आप नित नईं बुलंदियों को छुएं और हमें ऐसे ही पोस्टों से निहाल करते रहें।
शुभकामनायें।

अजित वडनेरकर said...

बधाई राजीव , ऐसे ही जमे रहो, अपनी पहचान बनाने की ललक है सो अच्छी बात है। जो भी डूबकर लिखोगे, मौलिक नज़र आओगे वो सब तुम्हे अलग पहचान देगा। यूं विषय आधारित लेखन की बात भी अच्छी है पर डॉ अग्रवाल ने भी सही मश्वरा दिया है।
शुभकामनाएं...सस्नेह
अजित

आशीष said...

भाईजान हम तो जिंदगी भर झेल सकते हैं तुझे

संजय बेंगाणी said...

बधाई...

mamta said...

राजीव एक साल पूरा करने की बधाई और शुभकामनाएं।

Udan Tashtari said...

बहुत बहुत बधाई

rakhshanda said...

ek saal?
means aap to blogs ki duniya ke sachin hain...sorry...actually i m very new in this world....aaj first time aapka blog dekha...ab to time nikal kar padhna padega...

rakhshanda said...

conratulation sir

swati said...

likhte rahe